नयका साल Posted by Editor | दिसम्बर 28, 2010 | कविता, साहित्य | – डॉ. कमल किशोर सिंह एक साल अउर सरक गइल, कुछ छाप आपन छोडि के. भण्डार भरि के कुछ लोगन के , बहुतन के कमर तोड़ि के. प्रकोप परलय के दिखा दुनिया के कुछ झकझोरि के. आईं बिदाई करीं एकर, दसो नोहवा जोड़ी के, आ स्वागत करीं नव वर्ष के... Read More
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