भड़ास Posted by Editor | सितम्बर 20, 2012 | कविता, साहित्य | – नीमन सिंह दिल में गुबार एतना बा कि जहिया निकाल दी एह दुनिया के दानव के ना लागी पता हो जइहें खाक सब जल जाई. रही ना आतंक पता ना लागी आतंकी के. बस ,इंतजार बा गगरिया भर जाव कुपंथी के. भगवानो अब उब गइल होइहें देखत-देखत एह... Read More
पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..