भउजी माने झगरी
– प्रकाश उदय भउजी माने झगरी पानी माने मछरी – ना धइला खतिरा बूड़ि बूड़ि पोखरा नहइला खतिरा. मारे-मारे उपटी भईयो जी के डपटी छोड़इला खतिरा. “बाचा बाटे” कहि के छोड़इला खतिरा. सरदी में हरदी पियाई जबरजस्ती दवइया...
Read More– प्रकाश उदय भउजी माने झगरी पानी माने मछरी – ना धइला खतिरा बूड़ि बूड़ि पोखरा नहइला खतिरा. मारे-मारे उपटी भईयो जी के डपटी छोड़इला खतिरा. “बाचा बाटे” कहि के छोड़इला खतिरा. सरदी में हरदी पियाई जबरजस्ती दवइया...
Read Moreडा॰ प्रकाश उदय भाषा-विज्ञान में जवना के भाषा कहल जाला, तवना में, जवन कहे के होला, जतना आ जइसे, तवन कहा पाइत ततना आ तइसे, त केहू के ‘आने कि’ ‘माने कि’, ‘बूझि जा जे’ भा ‘जानि जाईं...
Read More
पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..