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फंस गइले प्रेम – 2

– रासबिहारी गिरी दिन धरा गइल बाकिर गाना पूरा ना भइल रहे. आ बचल समय रह एक महीना पांच दिन. अब पप्पू बाबू नागेन्द्र चौधरी जी आ निरपांशु जी से म्युजिक पर काम शुरु हो गइल. गाना बहुत बढ़िया भइल बाकिर आखिरी फैसला खातिर जनता के...

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फँस गइले प्रेम – 1

– रासबिहारी गिरी नमस्कार ! एगो कहानी हमरा मन में बहुत दिन से घुमत रहुए. कहानी वोह समय के ह जब हम बहुत छोट रहनी, आ हम आपन बाबूजी आउर माई से सुनत रहनी. जब हम फिलिम में काम करे लगनी त ई कहानी हमके परेशान करे लागल. हमरा गाव...

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