भर घर देवर, भतारे से ठट्ठा (बाति के बतंगड़ – 4)
– ओ. पी. सिंह भर घर देवर, भतारे से ठट्ठा. कहाउत पुरान ह. जब ना त हम रहनी, ना मोदी जी. बाकिर हालही में मोदी जी के एगो बयान सुनि के मन में इहे कहउतिया याद पड़ गउवे. मोदी जी के दुश्मनन के कमी नइखे बाकिर पता ना का सोचि के ऊ...
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