बजलऽ ऐ शंख बाकिर नायडूजी के पदा केे
एगो पुरान कविता केे पंक्ति हवेे कि – दुश्मनी ऐसी करो कि जब कभी हम दोस्त बन जाऐ तो शर्मिन्दा...
Read Moreएगो पुरान कविता केे पंक्ति हवेे कि – दुश्मनी ऐसी करो कि जब कभी हम दोस्त बन जाऐ तो शर्मिन्दा...
Read Moreदू दिन पहिलहीं लिखले रहीं कि सभका से, खास कर के भोजपुरिया नेता, अभिनेता, सांसद, विधायक से, कि ऊ...
Read Moreकरनी के फल देर सबेर भरहीं के पड़ेला भोजपुरी सिनेमा आ गीत-गवनई पर श्लील लोग नाक भौंह सिकोड़ते...
Read Moreआजु देर साँझ भाजपा अपना लोकसभा उम्मीदवारन के पहिलका सूची जारी कर दिहलसि. पूरा सूची नीचे दीहल जा...
Read Moreअगर रउरो आदत बा यूट्यूब पर चैनलन के देखत रहे के त रउरो देखले होखब कि वीडियो के सामग्री आ ओकरा...
Read More
पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..