मछरी
रामेश्वर सिंह काश्यप ताल के पानी में गोड़ लटका के कुंती ढेर देर से बइठल रहे। गोड़ के अंगुरिन में...
Read Moreविजय मिश्र ओह दिन बाँसडीह जाए के रहल। मोटर साइकिल निकाल के स्टार्ट कइनी त पेट्रोल कम बुझाइल। कुछे...
Read More– डा० अमरेन्द्र मिश्र शेखर के गांजा के इ पहिलका दम रहे। अवरू सब साथी गांजा के दम पचावे आ जोम...
Read More(भोजपुरी कहानी) – सुधीर श्रीवास्तव ‘नीरज’ राति अबहिन दुइयो घरी नाहीं बीतल होई बाकिर बरखा आ अन्हरिया क मारे अधराति के लखां सन्नाटा पसरि गइल रहे चारू ओर. अषाढ के बादर पूरा दल बल के साथे आ के डटि गईल रहे… आ...
Read More– देवेन्द्र कुमार सउंसे घर में कोहराम मच गइल. सुमना के बाबा के मिजाज राति खानि एकाएक खराब हो गइल. सभे लोगन के चेहरा प हवाई उड़त रहे. अब का होई? अतना राति के ऊहां के अस्पताल ले जाए के परी. काहेंकि एह घड़ी तो कवनो डाक्टर...
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