गजल
– डा॰अशोक द्विवेदी कम में गुजर-बसर रखिहऽ! घर के अपना, घर रखिहऽ! मुश्किल-दिन जब भी आवे दिल पर तूँ पाथर रखिहऽ. जब नफरत उफने सोझा तूँ ढाई आखर रखिहऽ. आपन बनि के जे आवे सब पर खास नजर रखिहऽ. दर्द न छलके ओठन पर हियरा के भीतर...
Read More– आशुतोष कुमार सिंह भोजपुरी के रफ्तार में धीरे-धीरे तेजी आ रहल बा. भोजपुरी के लेके लोग अब संजीदा लउक रहल बाड़न. एह जागरूकता अभियान में इंटरनेट बहुत बड़ योगदान दे रहल बा. पिछला दिन हम भोजपुरी एक्सप्रेस डॉट कॉम के डिस्कसन...
Read More– संजीला रामदौर पिछला दिने मारीशस विश्वविद्यालय तीन दिन के एगो कार्यशाला आयोजित कइले रहुवे जवना में भोजपुरी आ अंगरेजी में पूरा शोध आ प्रमाण का साथे कई गो मनन करे लायक शोधपत्र पेश कइल गइल. कार्यशाला भोजपुरी आ एकरा धरोहर पर...
Read More– शिवजी पाण्डेय ‘रसराज’ सावन आइल तूँ ना अइलऽ गइलऽ कवना देस अँगनवा लागेला परदेस! हरियर धरती लगे सुहावन, करिया बदरा डोले, दुअरा पर झिंगुर झँकारे, ताले दादुर बोले, पानी-भरल बदरिया झूमे, उड़ा के करिया केस. अँगनवा...
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