जागल देस / जगावल देस

(रामझरोखा से) – डा॰अशोक द्विवेदी अइसे त देस जगले रहेला बकि जगलो में सूलत लेखा लागेला. एक से एक बड़, भयानक आ अमानवी दुर्घटना-घटना घटत रहेला आ ओकरा दिल-दिमाग प चिचिरी ना खींचि पावेला. अइसना में देस के सूतल, निनियाइल आ...

Read More