आन का कमाई पर, तेल-बुकवा
– शिलिमुख आम आदमी का नाँव प’ सत्ता पावे वाली पारटी के मुखिया, आम आदिमी क भला करसु भा ना करसु बाकि आम आदमी का टेक्स से कमाइल पइसा से आम मनई का संवेदना-सद्भाव क राजनीतिकरन त कइये देले बाड़न. शेखी बघारे आ आत्म प्रचार...
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