साल: 2011

“हँसी के तड़का” एहसान कुरेशी का संगे

महुआ टीवी के लाफ्टर शो “हँसी के तड़का” में शुक आ शनिचर के दिन होली के हुड़दंग का नामे बा. एह एपिसोडन में लाफ्टर चैम्पियन एहसान कुरैशी आपन तड़का मार के दर्शकन के हँसावे जा रहल बाड़न. शो के शुरुआत शुक का दिने उर्वशी चौधरी...

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वसंत कहीं नइखे भुलाइल

– पाण्डेय हरिराम जाड़ा आहिस्ता से मौसम के गाल चूमलसि त मौसम का रग में गर्मी दउड़ि गइल…. लोग कहल वसंत आ गइल. फगुआ आ गइल. आ आजु साँचहू के फगुआ ह. बाकिर कहवाँ… काल्हु सँझिया एगो पड़ोसिन बतवली कि सड़कन पर रौनक नइखे....

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फाग गीत

– रामरक्षा मिश्र विमल लागेला रस में बोथाइल परनवा ढरकावे घइली पिरितिया के फाग रे. धरती लुटावेली अँजुरी से सोनवा बरिसावे अमिरित गगनवा से चनवा इठलाले पाके अँजोरिया जवानी गावेला पात-पात प्रीत के बिहाग रे. पियरी पहिरि झूमे सरसो...

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आइल होली आइल रे

– ओ.पी .अमृतांशु बरसे रंगवा हुलसे मनवा , नील गगनवा रंगाइल ! महँगिया खूब ईठलाइल , आइल होली आइल रे !! मस्त फगुनवा मस्ती के दिनवा , झूमेला गेठ जोडिके सरकारवा, भइल करोडो हॉय  रे घोटाला सउँसे खजाना लूटाइल ! महँगिया खूब ईठलाइल...

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होलिका दहन आ फगुआ का दिन खातिर कुछ अनुभूत सात्विक प्रयोग

– वैभव नाथ शर्मा फगुआ भा होली वसंत ऋतु में मनावल जाये एगो महत्वपूर्ण भारतीय त्योहार ह. हिंदू पंचांग का अनुसार होली फागुन महीना के पुरनमासी के मनावल जाला. रंग के त्योहार कहल जाये वाला ई पर्व पारंपरिक रूप से दू दिन के पर्व...

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