चमचा-प्रधान विश्व करि राखा
– आलोक पुराणिक उ चमचागिरी कइलसि, ओकर प्रमोशन हो गइल – काम के मामिला अपना के बड़हन ज्ञानी समुझनेवाला एगो दोस्त हमेशा भुनभुनात रहेले. देखीं, उ बास के बीबी केला हौज-खास से जलेबी ले आवेला, ओकरा चार बेर इंक्रीमेंट मिल...
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