सपना देखल आ देखावल
– डाॅ. अशोक द्विवेदी चउधुरी साहेब के पम्पिंग सेट जब मर्जी होला तबे चलेला. दस लीटर डीजल दिहला पर, तीन चार दिन दउरवला का बाद एक दिन चलल त रामरतन के बेहन परि गइल आ जब रोपे क बेरा आइल त कीच-कानो भर क बरखा भइल. दू दिन का छिलबिल...
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