लेखक: Editor

शायद पालिटिक्स अब कुछ बदल गइल बा (बतकुच्चन 168)

बात कहिले खर्रा, गोली लागे चाहे छर्रा. कहे सुने ला त ई ठीक लागी बाकिर बेवहार मे आदमी सोच समुझ के बोलेला. साँच बोलल जरूरी होखेला बाकिर जहाँ ले हो सके अप्रिय भा कड़वा साँच से बचे के चाहीं. एगो अउर मुहावरा आएदिन इस्तेमाल होखेला आ उ...

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सरकार बा तऽ विवादो बा

– जयंती पांडेय मोदी जी जापान गइले. उहां जा के जान जा रामचेला तासा बजवले. कतहत बड़हन काम कइले. लेकिन आहु पर विवाद हो गइल. कई गो प्रगतिशील भाई लोग पेट बिगड़ गइल. अतने ना मोदी जी खदे जापान में कहले कि राजा और प्रधानमंत्री के...

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मनोज तिवारी का मलेशिया में हुआ सम्मान

मनोज तिवारी ने किया उत्तर और पूरब भारत का प्रतिनिधित्व मलेशिया में भी लोगो को दिवाना बना गये मनोज तिवारी भोजपुरी फिल्मों के मेगा स्टार और उत्तर पूर्व दिल्ली के भाजपा सांसद मनोज तिवारी मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित साउथ इंडियन...

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टटका खबर : 15 सितंबर 2014

टटका जानकारी आजु जिउतिया के नहाय खाय ह. उपचुनाव के वोट काल्हु गिनल जाई. जिउतिया काल्हु मनावल जाई. टटका आरा जीत दिल्ली में आ जुलूस आरा में. जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में नक्सली समर्थक आइसा के जीत पर आरा शहर में जुलूस निकालल गइल....

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गजल

-आसिफ रोहतासवी अब ना बाँची जान बुझाता बाबूजी लोग भइल हैवान बुझाता बाबूजी पढ़ल लिखल हमनी के सब गुरमाटी बा उनका वेद कुरान बुझाता बाबूजी आपुस में टंसन बा फिर हमरा गाँवे खेत जरी, खरिहान बुझाता बाबूजी बबुआ तऽ अबहींए आँख तरेरऽता एक दिन...

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