श्रेणी: मनोरंजन

भोजपुरी नाटक "गिरमिटिया भारतवंशी" के मंचन

– ओमप्रकाश अमृतांशु “गिरमिटिया” शब्द अंगरेजी के एग्रीमेन्ट शब्द के बिगड़ल रूप हउए. १७ वीं सदी में अंगरेज भारत अइले आ गरीब आदमी एक-एक रोटी के मोहताज हो गइले. १८३४ से गुलामी के शर्त पर करीब ६० हजार भारतीय मजदूरन...

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एक दिन बिक जायेगा माटी के मोल खातिर राजकपूर एक हजार रुपिया दिहले रहले

मजरुह सुल्तानपुरी के जनमदिन 01 अक्तूबर पर खास महान शायर आ गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी के उनकर लिखल गीत “एक दिन बिक जायेगा माटी के मोल” खातिर शोमैन राजकपूर एक हजार रुपिया दिहले रहले. पचास के दशक में अपना वामपंथी रुझान का...

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