भोजपुरी के मिठास आ खुशबू दुनिया में मालिनीओ के फइलावे दीं मनोज तिवारी !
– दयानन्द पाण्डेय मनोज तिवारी भोजपुरी के बढ़िया गायक हउवें एहमें कवनो संदेह नइखे. लेकिन...
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Read Moreरउरा में से केहू बूंट के पेड़ देखले बा? हम त नइखीं देखले काहे कि बूंट के पेड़ होखबे ना करे पौधा होला. बूंट के पेड़ वाला किस्सा पिछला दिने बयानवीर नेता लोग के बकतूतई से धेयान में आइल. केहू बारह रुपिया में भरपेट खियावत रहे त केहू...
Read Moreउर्दू के जानकार जानेलें कि कइसे नुक्ता का हेर फेर से खुदा जुदा हो सकेलें. उर्दू के एगो खासियत ह कि बहुते मात्रा लिखल ना जाव बूझ लिहल जाला. जे जानकार होला से त बड़ा आराम से पढ़ ली बाकिर नवसिखिया आदमी भुलाए गड़बड़ाए लगीहें. एक जमाना...
Read Moreभईया बूझलन पियाज भउजाई बूझली अदरख. ना, ना. ई बतवला के कवनो जरूरत नइखे कि ई कहाउत सही ना ह. असल कहाउत दोसर ह, मियाँ बूझलें पियाज, मिंयाइन बूझली अदरख. हमहूं जानत बानी कि असल कहाउत का ह बाकिर पिछला दस दिन से जवन बकतूत आ गलथेथरई...
Read Moreबरखा के मौसम बा. झटास झटहा जस लागे लागत बा. बरखा के पानी के बौझार जब हवा के झोंका से उड़ के एने ओने आवेला त ओकरा के झटास कहल जाला. . झटास संगे आइल पानी के बूंद कबो कबो चोट जइसन लागेला बुझाला कि केहु झटहा चला के मारत बा. झटहा छोट...
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