बतकुच्चन – ११५
पिछला कई दिन से अलग अलग गोल आपन आपन गोलबन्दी करावे में लागल बाड़ी सँ. कहीं कवनो गोल के गुल्ला छटक जात बा त कहीं बरिसन से राजनीति का गुल्लक में डालल मेहनत पानी में जात लउकत बा. त हमहुं सोचनी कि काहे ना अबकि गोल, गोली, गोला,...
Read Moreपिछला कई दिन से अलग अलग गोल आपन आपन गोलबन्दी करावे में लागल बाड़ी सँ. कहीं कवनो गोल के गुल्ला छटक जात बा त कहीं बरिसन से राजनीति का गुल्लक में डालल मेहनत पानी में जात लउकत बा. त हमहुं सोचनी कि काहे ना अबकि गोल, गोली, गोला,...
Read Moreआ दुर्रऽऽऽ, हमरा कवन काम बा केहु से कहला के? हर गाँव में अइसनका एगो फुआ भा काकी जरूर मिल जइहें जिनकर कामे होला एने के बात ओने चहुँपावल आ गाँव भर के चुहानी घूमल. राजनीति आ मीडियो में अइसनका लोग के कमी ना मिले. ई लोग जवन बात कहे...
Read Moreसट्टा से अबहींओ टीवी चैनल वइसहीं सटल बाड़ें बाकिर हमरा एक बात समुझ में नइखे आवत कि खेत खइलसि गदहा आ मार खइलसि जोलहा वाला कहाउत एह बात पर काहे सटीक बइठत बा. कइल केहु आ भरी केहु दोसर, से काहे? होखे के त चाहत रहुवे कि आईपीएल के...
Read Moreसत्ता के सटहा सट्टा के सटाकी साट दिहलसि पोसुआ मीडिया पर. एगो भोजपुरी कहाउत ह कि बड़ बड़ भूत कदम तर रोअसु मुआ माँगे पुआ. बाकिर बड़का भूतन पर से धेयान हटावे खातिर कवनो ना कवनो मुआ के खोज निकाले के पड़िए जाला. पिछला कई दिन से चौबीस...
Read Moreतीन गो कहाउत आ तीन गो चोर के कहानी. सोचत बानी कि पहिले कहनिए कह सुनाईं छोट क के. एगो गाँव में चोरी भइल, तीन गो चोर पकड़इले. राजा के जमाना रहे राजा का दरबार में पेशी भइल. राजा तीनो के बारे में जानकारी लिहलें. फेर पहिलका से कहलें,...
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