Category: साहित्य

हम बच्चा हिंदुस्तानी

– ओमप्रकाश अमृतांशु हम बच्चा हिंदुस्तानी आगे-आगे बढ़ब जा. आगे-आगे बढ़ब जा. पीछे ना मुड़ब जा . पीछे ना मुड़ब जा . उषा के किरणन संग जगना, हर मुश्किल से लड़ना, सिखलीं मस्त पवन से, ना कबो केहू से डरना. हम नन्हा हईं तूफानी. आगे-आगे...

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केशव के गजल

– केशव मोहन पाण्डेय (1) ग़ज़ल खुशहाल जिनगी भी जहर हो जाला। दिल के दुआ जब बेअसर हो जाला।। लाख जतन कइला पर भी मिले ना मंजिल, डगमगात कदम जब कुडगर हो जाला।। सुन्न अंखियन से छलक जाला समुन्दर, हिया में याद के जब कहर हो जाला।।...

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दू गो कविता

– दुर्गा चरण पाण्डेय (१) आपन बिपत साठ साल के भइल उमर बानी परेसान कचहरी से. रोज रोज होला झगड़ा सुतहीं के बेरा मेहरी से. लइका ह त पइसा खातिर मुड़िए पर मेड़राइल बा. साहु जी साइकिल छिन के रखलें, कुबड़ी के खाँसी जोड़िआइल बा. कउआ करे...

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बतकुच्चन – ९५

सियन आ सिवान. सोचनी कि आजु के बतकुच्चन एही पर कर लीं. रउरा सोचब कि सियन आ सिवान में का संबंध? एगो कपड़ा के सिलाई, दोसर सीमा के अंत. एह दुनु में कवन रिश्ता हो सकेला? बाकि देखीं त दुनु में बहुते करीबी मिल जाई. कपड़ा के सियन टूटल आ...

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बतकुच्चन ‍ – ९४

मेरे मन कछु और है, बिधना के कछु और. सोचले त रहीं कि अबकी के बतकुच्चन में एकरा सेंचुरी के चरचा करब बाकि बाबा लस्टमानंद जी दोसर ओर खींच ले गइलन. अब मन से भा बेमन से उनकरे बात करे के पड़ी. पिछला अतवार के बाबा अपना गजइला के चरचा करत...

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