गइले सुरुज, हाय छोड़ि मैदनवाँ
– हीरा लाल ‘हीरा’ जड़वा लपकि के धरेला गरदनवाँ देंहियाँ के सुई अस छेदेला पवनवा !...
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Read More(भोजपुरी गीत) – डा. अशोक द्विवेदी भीरि पड़ी केतनो, न कबों सिहरइहें.. रोज-रोज काका टहल...
Read More(भोजपुरी ग़जल) – सुधीर श्रीवास्तव “नीरज” जहां मे लौटि आइल जा रहल बा बचल करजा...
Read More(भोजपुरी ग़ज़ल) – शैलेंद्र असीम तहरी अँखिया में पानी बुझाते न बा पीर केतना सहीं हम, सहाते न बा...
Read Moreमान बढ़ाईं जा माटी के रामरक्षा मिश्र विमल दुअरा अंगना कहिया छिटकी मधुर किरिनिया भोर के कहिया पन्ना पलटल जाई भारत माँ के लोर के ? तमिल तेलगू बङला हिन्दी सब ह भारत के भाषा अपना जगह सभे कंचन बा एको ना बाटे ...
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