श्रेणी: कविता

प्रीत के गीत हरदम सुनाइले हम

– लव कान्त सिंह बा अन्हरिया कबो त अंजोरिया कबो जिनगी में घाम बा त बदरिया कबो प्रेम रोकला से रुकी ना दुनिया से अब होला गोर से भी छोट चदरिया कबो उजर धब-धब बा कपड़ा बहुत लोग के दिल के पहचान हो जाला करिया कबो मिले आजा तू बंधन...

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आन्हर घुमची

  जयशंकर प्रसाद द्विवेदी   घेंटा मिमोरत तोड़त – जोड़त आपन –आपन गायन अपने अभिनन्दन समझवनी के बेसुरा सुर बिना साज के संगीत साधना .   झाड़ झंखाड़ से भरल उबड़ खाबड़ बंजर जमीन ओकर करेजा फारत फेरु निकसत कटइली झाड़...

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जिम्मेदारी

– रामरक्षा मिश्र विमल   जिम्मेदारी सघन बन में हेभी गाड़ी के रास्ता खुरपी आ लाठी के बल नया संसार स्वतंत्र प्रभार   जिम्मेदारी जाबल मुँह भींजल आँखि फर्ज के उपदेश आ निर्देश गोपाल के ठन ठन नपुंसक चिंतन  ...

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बड़भागी भोजपुरिया

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी   धधके आन्दोलन के अगिया हो , बड़भागी भोजपुरिया . पहिली दरदिया कुल्ही आइके उमड़ल नीको नेवर बतिया मनही में घुमड़ल जुड़े लगने कुल्ही सह्भागिया हो, बड़भागी भोजपुरिया .   अठवीं अनुसूची बात सुनत सुनत बीत गइल...

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चलs ना फेर से भाई बनल जाओ भाई

– लव कान्त सिंह दरद हिया के छुपा रहल बानी लोर पोंछ के मुस्का रहल बानी. कांट के बगिया में हमके फेंकल केहू बनके फूल ओजा भी फुला रहल बानी. गरहा खोनले रहस कि गिरी ओमे ई उनहीं के गरहा से बचा रहल बानी. चलs ना फेर से भाई बनल जाओ...

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