हे ! नाग देवता पालागी !
– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी आस्तीन में पलिहा बढ़िहs मनही मन परिभाषा गढ़िहs कुछो जमइहा कबों उखरिहा गारी सीकमभर उचारिहs हे ! नाग देवता पालागी ! हरदम तोसे नेह देवता बसिहा एही गेह देवता नीको नेवर बुझिया भलहीं डसिहा...
Read More– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी आस्तीन में पलिहा बढ़िहs मनही मन परिभाषा गढ़िहs कुछो जमइहा कबों उखरिहा गारी सीकमभर उचारिहs हे ! नाग देवता पालागी ! हरदम तोसे नेह देवता बसिहा एही गेह देवता नीको नेवर बुझिया भलहीं डसिहा...
Read More– रश्मि प्रियदर्शिनी अँगना-दुअरा एक कs देवेले लोग कहेला माई के गोड़िया में चकरघिन्नी बा दुअरा के बंगली से अँगना के रसोई तक चलत रहेले चलत रहेले परिकरम करे जवन धरती आकास एक दिन उहे गोड़वा टेटाए लागल माई के उमरिया बुझाए...
Read More– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी नइकी शादी छंटल बहुरिया डिस्को झारत भर दुपहरिया भइया फ्रिज में पानी राखस लुग्गा धोवे रोज तिसरिया अब मइया न बलाएँ लेती . बहल गाँव बिलाइल खेती . बइठल दुअरे बब्बा रोवें घरवां दादी बरतन...
Read More– रामरक्षा मिश्र विमल जिम्मेदारी सघन बन में हेभी गाड़ी के रास्ता खुरपी आ लाठी के बल नया संसार स्वतंत्र प्रभार जिम्मेदारी जाबल मुँह भींजल आँखि फर्ज के उपदेश आ निर्देश गोपाल के ठन ठन नपुंसक चिंतन जिम्मेदारी...
Read More– केशव मोहन पाण्डेय जनम लिहले कन्हैया कि बाजेला बधाईया अँगनवा-दुअरिया नू हो। अरे माई, दुआरा पर नाचेला पँवरिया कि अइले दुखहरिया नू हो।। बिहसे ला सकल जहान कि अइले भगवान कि होई अब बिहान नू हो। अरे माई, हियरा में असरा बा जागल...
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