Category: कविता

हम बच्चा हिंदुस्तानी

– ओमप्रकाश अमृतांशु हम बच्चा हिंदुस्तानी आगे-आगे बढ़ब जा. आगे-आगे बढ़ब जा. पीछे ना मुड़ब जा . पीछे ना मुड़ब जा . उषा के किरणन संग जगना, हर मुश्किल से लड़ना, सिखलीं मस्त पवन से, ना कबो केहू से डरना. हम नन्हा हईं तूफानी. आगे-आगे...

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केशव के गजल

– केशव मोहन पाण्डेय (1) ग़ज़ल खुशहाल जिनगी भी जहर हो जाला। दिल के दुआ जब बेअसर हो जाला।। लाख जतन कइला पर भी मिले ना मंजिल, डगमगात कदम जब कुडगर हो जाला।। सुन्न अंखियन से छलक जाला समुन्दर, हिया में याद के जब कहर हो जाला।।...

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दू गो कविता

– दुर्गा चरण पाण्डेय (१) आपन बिपत साठ साल के भइल उमर बानी परेसान कचहरी से. रोज रोज होला झगड़ा सुतहीं के बेरा मेहरी से. लइका ह त पइसा खातिर मुड़िए पर मेड़राइल बा. साहु जी साइकिल छिन के रखलें, कुबड़ी के खाँसी जोड़िआइल बा. कउआ करे...

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पाप के कमाई

– ओम जी ‘प्रकाश’ रंडी, पतुरिआ का उपर फूंकाई! चोरी क पइसा त चोरी में जाई!! तिकड़म भिड़ा लिहलऽ, धन त कमा लिहलऽ मड़ई का जगहा तूँ कोठी उठा लिहलऽ नोकर आ चाकर से गाड़ी आ मोटर से दुअरा प मेला बा चमचन के रेला बा बाकिर ना...

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बाहुबली

– शशि प्रेमदेव हे बाहुबली! बँहिआ में त हमहन के भी ओतने दम बा! बाकिर तहरा पाले लाठी, भाला, बनूखि, गोली, बम बा!! तहरे चरचा बा घरे घरे बाजे सगरो डंका तहरे काहें ना जोम देखइबऽ तूँ तहरा पेसाब से दिआ जरे चउकी से ले के चउका तक,...

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