केशव के गजल
– केशव मोहन पाण्डेय (1) ग़ज़ल खुशहाल जिनगी भी जहर हो जाला। दिल के दुआ जब बेअसर हो जाला।। लाख जतन कइला पर भी मिले ना मंजिल, डगमगात कदम जब कुडगर हो जाला।। सुन्न अंखियन से छलक जाला समुन्दर, हिया में याद के जब कहर हो जाला।।...
Read More– केशव मोहन पाण्डेय (1) ग़ज़ल खुशहाल जिनगी भी जहर हो जाला। दिल के दुआ जब बेअसर हो जाला।। लाख जतन कइला पर भी मिले ना मंजिल, डगमगात कदम जब कुडगर हो जाला।। सुन्न अंखियन से छलक जाला समुन्दर, हिया में याद के जब कहर हो जाला।।...
Read More– दुर्गा चरण पाण्डेय (१) आपन बिपत साठ साल के भइल उमर बानी परेसान कचहरी से. रोज रोज होला झगड़ा सुतहीं के बेरा मेहरी से. लइका ह त पइसा खातिर मुड़िए पर मेड़राइल बा. साहु जी साइकिल छिन के रखलें, कुबड़ी के खाँसी जोड़िआइल बा. कउआ करे...
Read More– ओम जी ‘प्रकाश’ रंडी, पतुरिआ का उपर फूंकाई! चोरी क पइसा त चोरी में जाई!! तिकड़म भिड़ा लिहलऽ, धन त कमा लिहलऽ मड़ई का जगहा तूँ कोठी उठा लिहलऽ नोकर आ चाकर से गाड़ी आ मोटर से दुअरा प मेला बा चमचन के रेला बा बाकिर ना...
Read More– ओ.पी. अमृतांशु चिरई-चुरंगिया के होई गइलें शोर ! भइल भोर, हे आदित् देव लागिला गोड़ ! हाथ जोड़ , हे आदित् देव लागिला गोड़ ! देर भइल पनिया में खाड़ बाड़ी जनिया, थर-थर कांपे अउरी ठिठुरे बदनिया, छल-छल छलकेला नेहिया के लोर !...
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