Category: कविता

हे आदित् देव

– ओ.पी. अमृतांशु चिरई-चुरंगिया के होई गइलें शोर ! भइल भोर, हे आदित्  देव लागिला गोड़ !   हाथ जोड़ ,  हे आदित्  देव लागिला गोड़ ! देर भइल पनिया में  खाड़ बाड़ी जनिया, थर-थर कांपे अउरी ठिठुरे बदनिया, छल-छल छलकेला नेहिया के लोर !...

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भोजपुरी गीत के भाव भंगिमा

– डा॰अशोक द्विवेदी कविता का बारे में साहित्य शास्त्र के आचार्य लोगन के कहनाम बा कि कविता शब्द-अर्थ के आपुसी तनाव, संगति आ सुघराई से भरल अभिव्यक्ति ह. कवि अपना संवेदना आ अनुभव के अपना कल्पना शक्ति से भाषा का जरिए कविता के...

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बलिया में भइल काव्य आ विचार गोष्ठी

काल्हु अतवार १४ अक्टूबर का दिने बलिया के श्रीरामविहार कालोनी स्थित “पाती” पत्रिका आ विश्व भोजपुरी सम्मेलन के बलिया कार्यालय पर एगो विचार आ कवि गोष्ठी भइल. एह गोष्ठी में पाती पत्रिका के सितम्बर अंक के विमोचन का साथे...

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भड़ास

– ‍ नीमन सिंह दिल में गुबार एतना बा कि जहिया निकाल दी एह दुनिया के दानव के ना लागी पता हो जइहें खाक सब जल जाई. रही ना आतंक पता ना लागी आतंकी के. बस ,इंतजार बा गगरिया भर जाव कुपंथी के. भगवानो अब उब गइल होइहें देखत-देखत एह...

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