एन.आर .आई
– डॉ. कमल किशोर सिंह परदेसवा के पीड़ा का सुनाईं ऐ भईया . जिया चारा जस जाला छटपटाई ऐ भईया. जिनगी लागे एगो लमहर लड़ाई ऐ भईया, चोट कहाँ-कहाँ लागल का बताईं ऐ भईया . घाव दिलवा के देला ना दिखाई ऐ भईया , बाकी छिपे नाहीं कतनो...
Read More– डॉ. कमल किशोर सिंह उत्तर टोला बर तर, बईठल चबुतर पर, धनिया ढील हेरवावत रहे, सुबुकत सब सुनावत रहे – कतना दुःख सुनाईं बहिनी ई ना कभी ओराला, आ धमकेला दोसर झट से जसहीं एगो जाला. भादो में भोला के कसहूँ गोडवा गइल छिलाय....
Read More– ओ.पी .अमृतांशु जीतल मंगरुआ बो मुखिया चुनाव में मचल बा हाय खलबली, देखऽ गली -गली. छाका छोड़ाई दिहलस एमे. बीए पास के मुखिया जी खुरुपी ले के चलीं दिहलें घास के निपट-अनाड़ी भारी उठल बीया गावँ में मचल बा हाय खलबली, देखऽ...
Read More– अभयकृष्ण त्रिपाठी कभी कभी हमरा दिल में खयाल आवेला. भोजपुरिया बानी हमरा भोजपुरिये भावेला, अंगिका, वज्जिका, मगही मैथिलि सब हमरे नगीना बा, भोजपुरी जइसन मिश्री बोलला में नाही कवनो दाम बा, भोजपुरिया के सफ़र शुरू भी भोजपुरिये...
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