टैग: भोजपुरी

डाक विभाग के नांव बदलल जाउ

– जयंती पांडेय बाबा लस्टमानंद कलकत्ता अइले. उहां उनकर नाती नोकरी करत रहे. ओकरा बगल में एगो आदमी रहे , बेचारा मजदूर. अपने ओर के. ओकर बाप बाबा के परिचित. बड़ा चिंता में रहे. सुनलस कि बाबा आइल बाड़े त भेंट करे चलि आइल. ओकरा...

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जिए भोजपुरी! बाकिर कइसे?

ई एगो बड़हन सवाल बा. आ एकर जवाब कवनो एक आदमी ना दे सके. एहसे ई सवाल रउरा सभका सोझा राखत बिया अँजोरिया कि एह सवाल के जवाब खोजल जाव. रउरा सभे से निहोरा बा कि आपन राय विस्तार से अँजोरिया के भेजीं, एहिजा छोटहन कमेंट दे के ना. सभकर...

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रैली के सवर चलल बा

– जयंती पांडेय रोज रैली, प्रदर्शन, नारेबाजी से एकदम रीगल रामचेला कहले – बाबा आजुकाल ई नेतवन के का हो गईल बा कि रोज प्रदर्शन रोज बवाल. जेकरा देखऽ उहे झंडा टंगले चिचियात घूमऽता. बाबा लस्टमानंद मुस्किया के कहले,...

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गोल बनाईं…असली मुद्दन से भटकाईं जिन

– प्रभाकर पाण्डेय “गोपालपुरिया” आजकल लोग पर एगो नया भूत सवार हो गइल बा. जे जहें बा उ उहें बिना सही-गलत के बिचार कइले गोलियावल सुरु क देता, अउर एतने ना, लोग गोलियाइलो सुरु हो जाता. कबो-कबो त लोग बिना बात के बात में बात...

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भोजपुरी लोक उत्सव २०१२ , वाराणसी

क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र वाराणसी आ भोजपुरी अध्ययन केन्द्र बीएचयू के साझा आयोजन “भोजपुरी लोक उत्सव २०१२” में ३० अक्टूबर के दुनिया में बोलियन आ लोकभाषन के होत अनादर आ हत्या पर चिंता जतावल गइल. नाट्य शास्त्र...

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