बंद होखे ई अश्लील विज्ञापन !

(समाचार पत्र संपादकन के नाम एगो खुला चिट्ठी) हमरा अशे ना पूरा विश्वास बा कि ई चिट्ठी रउरा अखबार में ना छपी काहे कि ई रउरे विरोध में बा, तबहियो हम आपन समय खराब करत ई चिट्ठी लिखे के हिमाकत कर रहल बानी. आये दिन अखबारन में सेक्स...

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