ई सरकार का हऽ
– जयंती पांडेय रामचेला एह जाड़ में सबेरे-सबेरे बाबा लस्टमानंद के दुअरा पहुँचले. बाबा घूरा तर बइठल रहले. संगे अउरो दू चार गो लोग रहे. बाबा के दंडवत बोल के राम चेला घूरा के लगे एगो पुअरा के बिड़ई पर बइठ गइले. राम निहोरा खइनी...
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