टैग: लव कान्त सिंह

प्रीत के गीत हरदम सुनाइले हम

– लव कान्त सिंह बा अन्हरिया कबो त अंजोरिया कबो जिनगी में घाम बा त बदरिया कबो प्रेम रोकला से रुकी ना दुनिया से अब होला गोर से भी छोट चदरिया कबो उजर धब-धब बा कपड़ा बहुत लोग के दिल के पहचान हो जाला करिया कबो मिले आजा तू बंधन...

Read More

चलs ना फेर से भाई बनल जाओ भाई

– लव कान्त सिंह दरद हिया के छुपा रहल बानी लोर पोंछ के मुस्का रहल बानी. कांट के बगिया में हमके फेंकल केहू बनके फूल ओजा भी फुला रहल बानी. गरहा खोनले रहस कि गिरी ओमे ई उनहीं के गरहा से बचा रहल बानी. चलs ना फेर से भाई बनल जाओ...

Read More
  • 1
  • 2

Recent Posts

पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..