महीना: जुलाई 2010

तृप्ति शाक्या का साथे सजे जा रहल बा भउजियन के महफिल

कभी राम बन के कभी श्याम बन के से रातोरात हर घर में आपन जगहा बना लेबे वाली तृप्ति शाक्या से अबकी के भौजी नम्बर वन के महफिल सजे जा रहल बा जवना में तृप्ति अपना मीठ आवाज से शो में मिश्री घोल दीहें. शुरुआत ओही गीत से होखी आ ओकरा बाद...

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टटका खबर, बियफे, २९ जुलाई

विपक्ष का हल्लागुल्ला का बीचे झारखण्ड में राष्ट्रपति शासन के संसद से स्वीकृति महँगाई का खिलाफ काम रोको प्रस्ताव ले आवे का जिद्द पर अड़ल विपक्ष आ ओह पर अइसना प्रस्ताव ना आवे देवे पर अड़ल सत्ता पक्ष का चलते आजुवो संसद में हल्ला होते...

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गीत

– रामरक्षा मिश्र विमल खरके मड़इया के सींक रहि रहि टङाला परान. सूरज सुतल बाड़े रतिया उतान परसो होई एक पल के बिहान मन के जवन लागे नीक ओही प मनई के शान. खतरा बा लँघला प आपन सिवान कठवति के गंगा में कउवा नहान बनि जाला जीवन के...

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