महीना: अक्टूबर 2010

समय के चक्कर

– मनिर आलम सब ख़ुशी बा लोग के दामन में. बाकिर हंसी खातिर समय नइखे. दिन रात घूमत दुनिया में. जिनिगी खातिर समय नइखे. महतारी के लोरी के एहसान सब के बा. बस महतारी कहे खातिर समय नइखे. सब नाता रिश्ता त मर चुकल बा. अब ओके दफनावे...

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दर्शकन के प्यारे हमरा के शोहरत दिहले बा : रविकिशन

भोजपुरी सिनेमा के सदाबहार सुपर स्टार रवि किशन के ख्याति आज चहुओर फ़ैल रहल बा. है. भोजपुरी फिल्म जगत में पिछला दस साल से आपन जलवा बिखेरत रवि किशन हिंदी फिल्म जगत आ छोटको परदा पर आपन दमदार मौजूदगी दर्ज करवा दिहले बाड़न. आजु हालात...

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दलित सम्मान के लड़ाई ह रणभूमि

अबही ले भोजपुरी सिनेमा में बड़के जातियन के जिनिगी पर केन्द्रित फिल्मन के निर्माण होत आइल बा बाकिर अब पहिला बेर समाज के दलित वर्ग के जिनिगी पर केन्द्रित भोजपुरी फिल्म रणभूमि के निर्माण कइल गइल बा. दलित सम्मान के लड़ाई लड़े जा रहल बा...

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