महीना: अक्टूबर 2010

महँगिया के मार

– ओ.पी. अमृतांशु कईसे सहबू महँगिया के मार करीमन बहू राम के भजऽ. खरची ना जुटेला भोजनवा, देलू पाँच गो रे बेटी के जनमवा, आइल छठवा गरभवा कपार करीमन बहू राम के भजऽ. डहकेली छछनेली बेटिया, बिलखत बाड़ी दिने-रतिया, चढ़ल अदहन पे होखे...

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फैसला का बाद के भारत

– पाण्डेय हरिराम अबसे कुछ बीसेक साल पहिले अयोध्या के विवादित ढाँचा गिरा दिहल गइल रहे. ओह घरी कुछ ज्ञान गुमानी लोग, एहमें दुनु संप्रदाय के लोग शामिल रहे, चिचिया चिचिया के कहले रहुवे कि भारत के सामाजिक इतिहास बदलि गइल. कहे...

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मनोजो तिवारी कैद हो गइलन बिग बॉस का घर में

भोजपुरी सिनेमा के मेगास्टार कहाये वाला आ भोजपुरी के मशहूर गायक मनोज तिवारी मृदुल “कलर” टीवी चैनल पर देखावल जा रहल बिग बॉस सीजन ४ खातिर बिग बॉस का घर में कैद हो गइल बाड़न. तीन अक्टूबर के एह रियलिटी शो के शुरुआत हो गइल...

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कबो टूटे ना भाईचारा

– नूरैन अंसारी मत मजहब के मापदंड बनायीं आदमी के पहचान के. ना त बहुत बड़ा अपमान होई गीता अउर कुरान के. प्रेम अउर भाईचारा त हर एक धरम के सार ह. इ जात-पात अउर उंच-नीच के बहुत बड़ा उपचार ह. अपना देश के सभ्यता-संस्कृती इहे मूल...

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एक एक करके दर्जनो दुलहिन बना डलनी

– डा. उत्तमा दीक्षित, एसिस्टेंट प्रोफेसर (फैकेल्टी आफ विजुअल आर्ट्स, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय) चुनार सीमेंट फैक्टरी का परिसर में बहुते आम घर रहे हमार. चिकित्सक पिता आ शिक्षिका मां के अकेली कन्या संतान हईं हम. दू गो भाई...

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