सरकार से सरकावे वाला
भउजी हो ! का बबुआ ? सुनलू ह ? हँ, सुने में त आवत बा. का ? बड़ा अगमजानी बने लागल बाड़ू. हम का कहल चाहत बानी ? ए बबुआ, रउरा के हम तहिया से देखत बानी जब रउरा बिना जँघियो पहिरले कूदत रहीं. रउरा मन के बात हम ना जानब त के जानी ? त का...
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