महीना: नवम्बर 2011

बदलेगा भोजपुरी फिल्मों का माहौल – शैलेश श्रीवास्तव

कुंठित और कुत्सित मानसिकता की उपज के रूप में बदनाम भोजपुरी सिनेमा सचमुच ही संक्रमण काल के दौर से गुजर रहा है. करोड़ों का राजस्व देनेवाली भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री एक अदद पारिवारिक-सामाजिक श्रेणी की ऐसी फिल्म देने में नाकाम हो रही...

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‘शनिबाबा रखिहऽ लाज हमार’ सारे गाने रिकार्ड, शूटिंग इसी माह

सागर फिल्म्स कम्बाईन एवं लव आर्ट फिल्म्स की संयुक्त प्रस्तुति और निर्माता आर.डी. चौहान, महेश जी. थांटीकोण्डा एवं अर्जुन जी. थांटीकोण्डा की भोजपुरी फिल्म ‘शनिबाबा रखिहऽ लाज हमार’ के सभी आठ गाने रिकार्ड कर लिए गए हैं. अशोक घायल,...

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बतकुच्चन – ३५

बाँझ का जनिहें प्रसवती के पीड़ा ? बच्चा जने में होखे वाला दरद ओही औरत के समुझ में आ सकेला जे कबो खुद बच्चा जनले होखे. बूझेले चिलम जिनका पर चढ़ेला अँगारी. जे हालात के गरमी झेलेला ओकरे ओकर पीड़ा बुझाला. भोजपुरी के ई दुनु कहाउत आजु एह...

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बतकुच्चन – ३४

आजु जब लिखे बइठल बानी त छठ व्रत के परसाद सामने आ खरना शब्द दिमाग में बा. खरना मतलब खरो ना, कवनो तिनको ना. अइसन उपवास. बाकिर खर दुष्टो के कहल जाला. आ आखर कहल जाला उबड़ खाबड़ भा रगड़त चीझ के. अब सोचीं कि खर, खरना, आखर में कवन संबंध...

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भ्रष्टाचार माने मलाई मारे के परमानेंट सोर्स

– जयंती पांडेय आजु करप्शन के नांव पर उहे लोग हो-हल्ला मचा रहल बा, जेकरा करप्ट होखे के मौका ना मिलल. जसहीं मौका मिली, ऊ आपन ओठ सी लिहें. ई रीति जमाना से स चलि आ रहल बिया. लोग भ्रष्टाचार के विरोध करत समय ई ताक में लागल रहे...

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