महीना: फ़रवरी 2012

गंगा किनारे शनिचर सिंह के आतंक

एह घरी उत्तर प्रदेश के चुनावी माहौलो में, जब पुलिस बहुते सक्रिय बिया, बनारस में शनिचर सिंह नाम के एगो खूंखार अपराधी दहशत फइला के रखले बा. प्रशासन ओकरा सोझा बेचारा बनि गइल काहे कि ओकरा दू दू गो महारथी राज कुमार पांडे अउर दिलीप...

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भउजी हो : तीन गो चोर आ ओकनी के सजा

भउजी हो ! का बबुआ ? बहुत दिन बाद अइनी, जमानत मिल गइल का ? ना भउजी. तूलोग जवना जेहल में डलले बाड़ू ओहिजा से मुअला का दिन ले जमानत नइखे मिले वाला. हँ बीच बीच में पेरोल पर छूटत रहीलें. तबो भउजी का लगे आवे में अतना दिन लाग जाला ! अब...

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बतकुच्चन – ४५

पिछला बेर पोजिटिव थिंकिंग के बात सामने आइल रहुवे से आजु ओहिजे से शुरू करत बानी. पोजिटिव थिंकिंग, माने कि सकारात्मक सोच, माने कि सकारथ सोच ओह सोच के कहल जाला जवन आदमी के मनोरथ पूरा करे, ओकर ईच्छा पूरा करे भा ओकर सोचल सगरी काम...

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कहवाँ जातिया भोजपुरी भाषा

– जयंती पांडेय भोजपुरी सिनेमा बनावे वाले लोगन पर भोजपुरी के बिगाड़े के इलजाम बड़ा तगड़े लागेला. सचहूं भोजपुरिया सिनेमा में पता ना कहवां- कहवां के ड्रेस पहिना दिहल जाला अउर गजबे भाषा में कलाकार बतियावेला लोग. भोजपुरी के...

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