महीना: अप्रैल 2015

जेकरा खातिर चोरी कइनी उहे कहलसि चोर ! (बतकुच्चन – 188)

भन दे गन दऽ ना त दन दे हने लागब. तेजी के मापल जाव त ‘दन दे’ से तेज ‘भन दे’ होला. दन दे कहला क मतलब कि जल्दी से आ भन दे के मतलब ओकरो ले तेजी से. गन दऽ असल में गिन दऽ केउच्चारण दोस ह बाकिर गनल आ गिनल में...

Read More

अगवढ़ आ अगवाह (बतकुच्चन – 187)

बतकुच्चन आ समाचारन में कवनो संबंध ना होखे बाकिर समाचारन से बतकुच्चन करे के मसाला मिलत रहेला. अब देखीं ना, फोने क के एगो नामी वकील अपना नामी आरोपी के जमानत दिआ दिहलें. ई नामी वकील जब सरकार में मंत्री रहलें तब ओह नामी आरोपी के...

Read More

गोत आ गोतिया के चरचा (बतकुच्चन – 186)

बात धरमपत्नी से बढ़ के गोत्र आ कुल खानदान पर आ गइल बा. एगो गोत के लोग दोसरा गोत के उपद्रवियन के गोतिया का बता दिहल कि सामने वाला बात के ले उड़ल आ ओकरा के अपना जाति के अपमान बतावे लागल. थोड़ देर ला हमहू चकरा गइनी कि गोत्र भा गोत...

Read More

धरमपत्नी त होला बाकिर धरमपति काहे ना होखे (बतकुच्चन – 185)

दिमाग में अगिला बतकुच्चन के ताना बानबुनत जात रहनी तबले रमचेलवा भेंटा गइल. देखते पूछलसि, ए बतकुचन, बतावऽ धरमपत्नी त होला बाकिर धरमपति काहे ना होखे. बूझ गइनी कि बाबा लस्टमानंद से कुछ सीख के आइल बा आ उनुके कहल बात पर हमरा के अजमावल...

Read More

विश्व भोजपुरी सम्मेलन, बलिया के अधिवेशन आ पाती अक्षर सम्मान 19 अप्रैल के

विश्व भोजपुरी सम्मेलन के बलिया ईकाई के सालाना अधिवेशन आ पाती अक्षर सम्मान समारोह बलिया के बापू भवन में 19 अप्रैल के होखे जा रहल बा. एह अधिवेशन में सगरी भोजपुरी प्रेमियन के नेवता देत समिति के अध्यक्ष विजय मिश्र आ उपाध्यक्ष डा॰...

Read More

Recent Posts

पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..