महीना: जुलाई 2015

कबहुँ न नाथ नींद भरि सोयो

– कमलाकर त्रिपाठी बाँके बिहारी घर से दुई-तीन कोस चलल होइहँ कि ओनकर माई चिल्लइलिन, ”रोका हो गड़िवान, दुलहिन क साँस उल्टा होय गइल.“ बाँके लपक के लढ़िया के धूरा पर गोड़ राखि के ओहार हटाय के तकलन – ”का भइल रे?“ ”होई का ए...

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सगरी खबर भोजपुरी में (शुक, 3 जुलाई 2015)

कांग्रेस के बड़का नेता हंसराज भारद्वाज के कहना बा कि नरेन्द्र मोदी से मुकाबला कइल कांग्रेस के बूता का बहरी के बात बा आ राहुल गाँधी के हकीकत के पते नइखे. मौजूदा दौर में कांग्रेस बहुते कमजोर हो गइल बिया. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री...

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भोजपुरी सिनेमा के प्रचारकन का नामे एगो चिट्ठी

हे प्रचारक बन्धु, रउरा अपना गाहकन के सिनेमा आ कृति के प्रचार कइल आपन पेशा बनवले बानी जवन स्वागत जोग बा. बाकिर का कबो सोचले बानी कि भोजपुरी स‌िनेमा में आवत गिरावट के थोड़ बहुत जिम्मेदारी राउरो बनत बा. अउरी भाषा के सिनेमा...

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सगरी खबर भोजपुरी में (बियफे, 2 जुलाई 2015)

बाकी हर मुद्दा पर विरोध के राजनीति करे वाला सांसद लोग आपन तनखाह आ भत्ता बढ़ावे का मुद्दा पर हमेशा एकराय होखेला. अब फेरू सांसद लोग के तनखाह दुगुना करे के बात चलत बा आ पुरनका सांसद लोग के पेंशन 75 फीसदी करे के बात कहल जात बा. संसद...

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सगरी खबर भोजपुरी में (बुध, 1 जुलाई 2015)

ग्रीस के करजा समस्या के कवनो हल अबही ले नइखे निकल पावल. आजु यूरोपीय संघ के वित्त मंत्री लोग फेरू एह समस्या के राह निकाले खातिर चरचा करी लोग. कोशिश बा कि ग्रीस के दू बरीस के मोहलत दे दीहल जाव करजा चुकावे खातिर. विश्व बैंक से लीहल...

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