महीना: अगस्त 2015

टटका खबर (सोमार, 24 अगस्त 2015)

चीन आपन मुद्रा युआन के भाव का गिरवलसि कि दुनियाभर के शेयर बाजारन में हाहाकार मच गइल बा. ग्रीस के संकट से अबहीं बाजार उबरियो ना पवले रहुवे तबले सामने आ गइल चीन के बुलबुला. चीनी सामान के त गारंटी पहिलहूं ना रहुवे बाकिर अब लागत बा...

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लोकजीवन के “बढ़नी”

– डाॅ. अशोक द्विवेदी ‘लोक’ के बतिये निराली बा. आदर-निरादर, उपेक्षा-तिरस्कार के व्यक्त करे क टोन आ तरीका अलगा बा. हम काल्हु अपना एगो मित्र किहाँ गइल रहलीं. उहाँ दुइये दिन पहिले उनकर माई उनका उनका गाँव आरा...

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पश्चिमी वैश्वीकरण बनाम भारतीय विश्व कुटुम्बवाद

– डॅा० जयकान्त सिंह ‘जय’ पश्चिम के दू शब्द “वैश्वीकरण” आ “भूमंडलीकरण” बहुते लोकलुभावन आ मनभावन बा. एकरा बाहरी रुप,रंग आ सम्मोहक ढंग पर के नइखे रीझल. एकरा साम, दाम, काम, चाम आ भेद-विच्छेद...

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टटका खबर (अतवार, 23 अगस्त 2015)

सुरक्षा सलाहकारन का बीच के बातचीत पाकिस्तान का तरफ से रद्द भइला पर निराशा जतावत गृहमंत्री राजनाथ सिंह कहलन कि अगर पाकिस्तान के काश्मीर मुद्दा उठावे के शौक रहुवे त ऊफा में काहे ना उठवलसि. राजनाथ सिंह इहो कहलन कि आगे के बातचीत अब...

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