डॉ इकबाल के एगो गजल
एहसास मर गइल बा – डॉ इकबाल एहसास मर गइल बा, जिंदा शरीर बाटे। धुँधला गइल बा अक्षर, खाली लकीर...
Read MorePosted by Editor | मई 20, 2024 | कविता, पुस्तक चर्चा, साहित्य |
एहसास मर गइल बा – डॉ इकबाल एहसास मर गइल बा, जिंदा शरीर बाटे। धुँधला गइल बा अक्षर, खाली लकीर...
Read MorePosted by Editor | मई 20, 2024 | पुस्तक चर्चा, सरोकार |
“सजल प्यार कचनार फुलाइल, परबत-परबत के घेरा में लता लाज से लाल भइल कुछ निरखत संझा के बेरा में...
Read Moreएने कुछ दिन से देश के राजनीति के केन्द्र बन गइल बाड़न शराब घोटाला के आरोपी अरविन्द केजरीवाल आ...
Read Moreलोक सभा चुनाव के पांचवाँ डेग के चुनाव आजु सोमार का दिने देश के उनचास लोकसभा सीट ना हो रहल बा. ई...
Read More– बिनोद सिंह गहरवार जाह दिन शराब घोटाला के अछरंग में जेल में बन कट्टर ईमानदार आदमी के देश के...
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