दुर्गा माई के नौ रुप 4.कूष्माण्डा


(नवरात्र के चउथा दिन मंगल ८ अक्टूबर २०१३)

सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च |
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे |

माई दुर्गा अपना चौथा रूप में ” कूष्माण्डा ” का नाम से जानल जाली.नवरात्र में चउथका दिन माई के एही विग्रह के पूजा होला.अपना मंद-मंद मुस्कान से ब्रह्मांड के उत्पन्न कइला का कारन इहाँके नाँव कूष्माण्डा परल.जब सृष्टि के अस्तित्व ना रहे,चारू ओर अंधकारे अंधकार रहे,तब ईहे माई अपना हल्का हँसी से सृष्टि के रचना कइले रहीं.माई के आठ गो भुजा बाड़ी सन आ आठों में क्रमशः कमंडल,धनुष,बाण,कमल के फूल,अमृत से भरल कलश,चक्र आ गदा बा.आठवाँ हाथ में सभे सिद्धि आ निधि के देबेवाली जपमाला बा.कूष्माण्ड माने कोंहड़ा.बलिदान में कोंहड़ा के बलि इहाँके प्रिय हऽ.माई कूष्माण्डा तनिका सेवा आ भक्ति से भी खुश हो जालीं.माई के भक्ति से आयु,यश,बल आ आरोग्य के बढ़ोत्तरी होला. नवदुर्गा में चउथकी माई कूष्माण्डा दुर्गाजी के जय हो.


(चित्र आ विवरण डा॰रामरक्षा मिश्र का सौजन्य से)

0 Comments



अंजोरिया पर खोजीं -

आपन टिप्पणी, लेख, कहानी, कविता, विचार भेजे खातिर -

anjoria@rediffmail.com

अगर राउर रचना पहिला बेर आ रहल बा त आपन एगो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ में जरूर डाल दीं.

Recent Posts

पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..

🤖 अंजोरिया में ChatGPT के सहयोग

अंजोरिया पर कुछ तकनीकी, लेखन आ सुझाव में ChatGPT के मदद लिहल गइल बा – ई OpenAI के एगो उन्नत भाषा मॉडल ह, जवन विचार, अनुवाद, लेख-संरचना आ रचनात्मकता में मददगार साबित भइल बा।

🌐 ChatGPT से खुद बातचीत करीं – आ देखीं ई कइसे रउरो रचना में मदद कर सकेला।