बुझावल आ बझावल – बतकुच्चन 228
- टीम अंजोरिया

बुझावल आ बझावल – बतकुच्चन 228

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एगो भोजपुरी कहावत ह कि हँसुआ का बिआह में खुरपी के गीत। रउरो सभे कहब कि दुनिया के हालात कइसन बा आ ई हमनी के बुझावल आ बझावल में अझुरावल चाहत बा। राउर कहना सही बा। चलल त रहीं दुनिया के हालाते पर चरचा करे बाकिर मथैला हमरा के अझूरा के राख दिहलसि। पहिले त सोचनी कि ट्रम्प के ट्रम्पेट – ट्रम्प के सिंहा – मथैला ले के ई लेख लिखीं बाकिर ट्रम्पेट अझुरा के राख दिहलसि. भोजपुरी में ट्रम्पेट खातिर सिंघा के इस्तेमाल कइल जा सकेला बाकिर सिंघा के कई गो दोसरो अर्थ होला। आ भोजपुरी में जवना वाद्ययंत्र के सिंघा कहल जाला ऊ असल में रणसिंघा भा नरसिंघा होला। कई जगह एकरा ला तुरही शब्द के इस्तेमाल मिल जाला। बाकिर अगर जे रउरा भोजपुरी ईलाका के गाँव मेंं रहल बानी आ कवनो बारात में शामिल भइल होखब त देखले होखब कि जब बारात दुआरे लागे खातिर चलेला त दू चार गो सिंघा वाला आगे आगे सिंहा बजावत चलेलें। पुरनका जमाना में एकरे के रणसिंघा कहल जात रहुवे आ रण के शुरुआत के ऐलान एकरे आवाज से होखत रहुवे। त सिंघा वाला मथैला हमरा जमल ना त सोचनी कि ‘बूड़बक बुझावे से मरद’ कहावत के मथैला बना दीं। बाकिर फेरू दिमाग में बुझावे आ बझावे के फेर घूमे लागल। त सोचनी कि काहे ना आजु बझावल आ बुझावल पर एगो बतकुच्चन कर लीं। एक जमाना में हर हफ्ते ई साप्ताहिक रूप से कोलकाता से प्रकाशित होखे वाला हिन्दी दैनिक सन्मार्ग में छपल करे। अब ऊ ताँता टूट गइल त बतकु्चन कइलको टूट गइल। अब ढेर दिन पर कवनो बतकुच्चन करे बईठेनी। आ एह असकत का पाछा सबले बड़हन कारण ई होला कि हमरा भोजपुरिहा लोगन के आदते ना बन सकल भोजपुरी पढ़े के। बोले के, सुने के, गावे के, सुनावे के में त लोग भोजपुरी से रिश्ता बनवले राखेला बाकिर भोजपुरी पढ़े में असकतिया जाला लोग।

बुझावल माने होला केहू के कुछ समुझावल आ बझावल माने होला केहू के कवनो मामिला में फँसा दिहल, बझा दिहल। बुझावे खातिर त लोग दियो बुझा देला, आगो बुझा देला बाकिर ई बुझावल के एगो दोसर अर्थ होला. आ हम एहिजा बुझावल माने समुझावल आ बछावल माने अझुरावल के चरचा करे वाला बानी। आ एही बुझावल के एगो चुनौती मान लिहल जाला कि बूड़बक बुझावे से मरद। माने कि जवनो बेवकूफ के कुछ समुझा सके ऊह असली मरद माने कि समर्थ कहाए जोग होला। आजु अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अइसने बूड़बक के बड़का उदाहरण मान के चलल जा सकेला आ एह बूड़बक के बुझावे के क्षमता केहू का लगे नइखे।

हालांकि बहुते लोग इहो मानी कि ट्रम्प बूड़बक ना हउवन, बलुक सगरी दुनिया के बूड़बक बना के राख दिहले बाड़न। आ ट्रम्प के सगरी खुराफात के जड़ मे नोबल पुरस्कार समिति के राख दिहल जाव त गलत ना कहाई। अरे भाई एगो लड़िका छिरियाइल रहुवे कि ओकरा शान्ति के नोबल पुरस्कार चहबे करी त दे देतऽ लोग एगो अतिरिक्त शान्ति पुरस्कार बना के। जब तय हो गइल कि ट्रम्प के शांति के नोबल पुरस्कार ना दिआई तबहियें से ट्रम्प भर दुनिया में अशान्ति पसारे में लाग गइलन।

बात के लमरला के संकट देखतो ई लिखे मे कवनो अनर्गल बात ना होखी कि ट्रम्प युद्ध के दू गो सबले बड़हन नीति वाक्य के अनदेखी कर के चलत बाड़न आ एही चलते ईरान-इजरायल युद्ध थथमे के नाम नईखे लेत। युद्ध के दू गो सबले खास नीति होखे के चाहीं कि दुश्मन के कोना में मत घेरीं आ ओकरा चेहरा पर वार मत करीं। ट्रम्प एह दुनू नीतियन के कबाड़ में फेंक दिहले बाड़न। ईरान के ऊ एगो कोना में घेर लिहल चाहत बाड़न बिना ई सोचले कि कोना में घेराइल दुश्मन बहुते घातक हो जाला। ओकरा लगे एके गो राह रहेला कि ऊ अपना दुश्मन पर पूरा ताकत से वार करो। युद्ध मेंं सफलता खातिर जरुरी होला कि दुश्मन के भागे के मौका छोड़ के राखीं आ हो सके त ओकरा के इशारा मेंं बताईओ दीं कि हऊ कोना हम तहरा भागे ला खाली छोड़ रखले बानी। ट्रम्प इरान के अइसन कवनो कोना देबे ला तईयारे नइखन आ उनुका के समुझा सके अइसन मरद अमेरिका मे बाड़न ना। युद्ध के दुसरका नीति होखेला कि दुश्मन के चेहरा पर वार मत करीं। चेहरा पर वार कइला से ऊ अपना पर काबू ना राख पाई आ ओकर पूरा वार रउरा पर होखहींं के बा।

आजु जब हम ई लिख रहल बानी तब ट्रम्प के दिहल मियाद खतम होखे पर बा। ट्रम्प के कहना बा कि एगो पूरा सभ्यता – ईरानी सभ्यता सदियन पुरान हवे – ऊ चार घंटा में बिलवा के राख दिहन। आ जइसन खबर आ रहल बाड़ी सँ तवन अइसनके ई्शारा दे रहल बाड़ी सँ कि विनाश के ई युद्ध शुरु हो चुकल बा। एह चलते हम नइखीं चाहत कि रउरा के देर ले बझवले राखीं भलहीं रउरा के बुझवा ना सकीं कि बूड़बक के बुझावल मरदे का बस में होला। आ ई मरद कवनो लिंग का हिसाब से ना होके समरथ वाला मनई भा मुनिया के कहल जाला।

जानत बानी कि रउरा सभे के भोजपुरी मे लिखे ना आवे। अगर लिखे आवेला त लिखे जोग कुछ बावे ना रउरा लगे। आ अगर लिखे जोग कुछ बावे त रउरा एह चलते ना लिखब कि आपन महान विचार एह बूड़बक से काहे साझा करीं। हर लेख का नीचे जगहा मौजूद बा जहाँ अगर रउरा कुछ चाहीं त लिख सकिलें। आ राउर लिखलका अगर अंजोर करे जोग रहल त अगिला दिने ओकरा के अंजोर कर दिहल जाई। आपन बात रउरा देवनागरी भा रोमन लिपि में, भोजपुरी भा हिन्दी में लिख सकिलें।
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