एगो सुमधुर संगीतमय फिल्म ह ‘काहे बांसुरिया बजवलऽ’

लेखक-निर्देशक कुमार विकल के नया फिलिम ‘काहे बांसुरिया बजवलऽ’ बन के तइयार हो गइल बा. श्री नरसिंह फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले एकर निर्माता प्रदेश कुमार सर्राफ आ सह निर्मात्री संगीता रानी हई.

जइसन कि फिलिम के मथैले से साफ बा ई फिलिम पूरा तरह से साफ-सुथर, मनोरंजक आ संगीतमय फिल्म हवे. संगीत बंगाल के सुप्रसिद्ध संगीतकार नागेन्द्र चौधरी के, गीतकार सरोज अंजाना आ कुमार विकल, गायक गायिका अनुराधा पौडवाल, उदित नारायण, इंदू सोनाली, सुमित बाबा, रेखा राव, पामेला जैन, मनोज मिश्रा, मो. अजीज आ अनूप जलोटा.

एह फिल्म के नायक आकाश सुलभ एगो साधारण घरेलू नौकर बनल बाड़न जे गजब के बांसुरी बजावेला. आ जब ओकर बांसुरी बाजेला त आदमी का जानवर आ प्रकृतिओ के अपना ओरि खींच लेला. ओही घर के नौकरानी बनल कल्पना शाह हमेशा आकाश से लड़त-झगड़त रहेली आ ओकरा बांसुरी के तान पर दीवानी हो जाली. बाकिर जब ई बाति घर के मालिक कुणाल सिंह के मालूम होत बा त हालात अलगे रंग ले लेता.

एह फिल्म के सगरी गाना राजपिपला के नयनाभिराम लोकेशन पर फिल्मावल गइल बा. फिल्म के बाकी किरदारन में कुणाल बैकुण्ठ सिंह, सुमन झा, बृजेश त्रिपाठी, माया यादव, अभिमन्यु राज, नारायण कबीर आ मेहनाज वगैरह के खास भूमिका बा.

अबहीं फिलिम के पोस्ट प्रोडक्शन के काम चलत बा.


(समरजीत)

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