लेखक: Editor

बाप-बेटा नौटंकी में भाई-चाचा गड़ही में

अपना जिलेबिया दिमाग आ राजलीटी में कुश्ती के दांवपेंच में माहिर मानल जाये वाला मुलायम जतना मुलायमियत से अपना बेटा से हार जाये वाला कुश्ती लड़लन ओकरा से सवाल उठत बा कि कहीं ई उनुकर सोचल समुझल चाल त ना रहुवे! बेटा के मुख्यमंत्री...

Read More

किताबि आ पत्रिका के परिचय – 10

माया माहाठगिनि “माया माहाठगिनि” डॉ. गदाधर सिंह के भोजपुरी ललित निबंध संग्रह हटे, जवना के द्वितीय संस्करण के प्रकाशन सन् 2013 में निलय प्रकाशन, वीर कुँअर सिंह विश्वविद्यालय परिसर, आरा, भोजपुर (बिहार) से भइल बा. एकर...

Read More

किताबि आ पत्रिका के परिचय – 9

मुट्ठी भर भोर ” मुट्ठी भर भोर ” डॉ. अरुणमोहन भारवि के भोजपुरी कहानी संकलन हटे, जवना के प्रकाशन सन् 2013 में अरुणोदय प्रकाशन, आर्य आवास, भारतीय स्टेट बैंक (मुख्य शाखा) के सामने, बक्सर- 802101 (बिहार) से भइल बा. एकर...

Read More

नीक-जबून-5   

डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल के डायरी रसियाव खाईं आ टन-टन काम करत रहीं आजु स्टाफ रूम में अपना गीत के एगो लाइन गुनगुनात रहीं- “ननदी का बोलिया में बने रसियाव रे. सरगो से नीमन बाटे सइँया के गाँव रे.“ साहा सर के जिग्यासा पर चर्चा शुरू हो...

Read More

Recent Posts

पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..