नायक ना खलनायक हईं …
हाथ-पैर सलामत रहे त परदा पर हीरो के कूट-पीट के केहु विलेन बन जाव. लेकिन जब विलेन अपंग होखे आ एकरा बावजूद हीरो के मन में दहशत पैदा हो जाव तब नू भइल असल खलनायकी ! गिरीश शर्मा एगो अइसने विलेन बाड़न जे परदा पर उतरते शो लूट ले जालें....
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