भोजपुरी उपन्यास बनचरी के विमोचन
मुम्बई का विले पार्ले स्थित “नवीन भाई ठक्कर सभागार” में “अभियान” संस्था का सहयोग से आयोजित ‘सबरंग फिल्म स्टार सम्मान समारोह’ आ ‘भोजपुरी पंचायत’ वार्षिकोत्सव का अवसर प डा0 अशोक...
Read MorePosted by Editor | अगस्त 30, 2015 | उपन्यास, पुस्तक चर्चा, सरोकार, साहित्य |
मुम्बई का विले पार्ले स्थित “नवीन भाई ठक्कर सभागार” में “अभियान” संस्था का सहयोग से आयोजित ‘सबरंग फिल्म स्टार सम्मान समारोह’ आ ‘भोजपुरी पंचायत’ वार्षिकोत्सव का अवसर प डा0 अशोक...
Read MorePosted by Editor | अगस्त 7, 2015 | पुस्तक चर्चा, साहित्य |
– विजय शंकर पाण्डेय श्रीमती आशारानी लाल क कथा संग्रह ‘लाज लागेला’ पर कुछ लिखे में हमहीं के लाज लागत हौ. जइसे सूरज के दीया देखावे में लाज न लगै त देखे वाले ओके पागल जरूर कइहैं. इहै हमार हालत होई. तबो हम ढिठाई...
Read MorePosted by Editor | जुलाई 7, 2015 | पुस्तक चर्चा, साहित्य |
– ओम प्रकाश सिंह साल 1975 भा 1976 रहुवे जब पहिला बेर हमरा एगो भोजपुरी के खण्डकाव्य रमबोला के जानकारी एगो दोस्त से मिलल. ऊ हमरा के ओह काव्य के एगो अंश भेजले रहुवन जवना के हम आपन एगो पत्रिका भोजपुरिहा के पहिलका अंक में शामिल...
Read MorePosted by Editor | मई 22, 2015 | पुस्तक चर्चा, साहित्य |
पिछला 10 मई 2015 का दिने दिल्ली के जेएनयू में भोजपुरी के महिला कथाकार डा॰ आशा रानी लाल के कहानी संग्रह “लाज लागेला” के विमोचन डा॰ नामवर सिंह, डा॰ मेनेजर पाण्डेय, डा॰ सचिदानंद सिन्हा आ लेखिका डा॰ आशा रानी लाल के हाथे...
Read MorePosted by Editor | मार्च 31, 2015 | पुस्तक चर्चा, साहित्य |
अभाव आ गरीबी पहिलहूँ रहे. दुख-दलिद्दर अइसन कि रगरि के देंहि क चोंइटा छोड़ा देव. लोग आपुस में रोइ-गाइ के जिनिगी बिता लेव, बाकिर मन मइल ना होखे देव. हारल-थाकल जीव के प्रेमे सहारा रहे. धीरज आ बल रहे. आजु एतना तरक्की आ सुबिधा-साधन का...
Read More
पाठक-पाठिकन के राय विचार प्रतिक्रिया..