Category: साहित्य

भोजपुरी पंचायत पत्रिका के बहाने भोजपुरी प्रकाशन पर चिन्तन

भोजपुरी स्वाभिमान के प्रतीक मासिक पत्रिका “भोजपुरी पंचायत” के अक्टूबर अंक के अगर राज ठाकरे पर केन्द्रित कहल जाव त बेजाँय ना कहाई. महाराष्ट्र केहु के बपौती ना ह, माफ करब असल मथैला ह “किसी की बपौती नहीं...

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भड़ास

– ‍ नीमन सिंह दिल में गुबार एतना बा कि जहिया निकाल दी एह दुनिया के दानव के ना लागी पता हो जइहें खाक सब जल जाई. रही ना आतंक पता ना लागी आतंकी के. बस ,इंतजार बा गगरिया भर जाव कुपंथी के. भगवानो अब उब गइल होइहें देखत-देखत एह...

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नारायण… नारायण..

– ‍ नीमन सिंह एक बेर के बात ह, नारद मुनि कहीं से गुजरत रहनी. ओही रास्ता में उनुका एगो आदमी मिलल, उ आदमी कुछ जियादही भोला–भाला, माने कि कुछ–कुछ मुरख जइसन, सोझबउक रहे, अउर ओहपर से करईला आउर नीम चढ़ल वाली बात रहे कि उ तनी कम...

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भोजपुरी सरोकारन से जुड़ल पत्रिका भोजपुरी पंचायत

आजु जब भोजपुरी के पत्रिका प्रकाशन के स्थिति खराब चलत बा आ शायदे कवनो पत्रिका बिया जवना के नियमित प्रकाशन आ उहो समय पर हो रहल बा. एह दिसाईं दिल्ली से प्रकाशित होखे वाली पत्रिका भोजपुरी पंचायत बधाई के हकदार बिया कि अपना शुरुआत से...

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