आगी
– डा॰अशोक द्विवेदी जाड़े ठिठुरत, गांव के लोग, सांझि होते आड़-अलोत दुआर-मड़ई भा कउड़-बोरसी धऽ लेला. जे जहां बा, आ जइसे, सांझि के देंहि चीरत-सितलहरी आ घोरियावत कुहेस का डरे, आड़-अलम तक पहुंचे के तेजी मे रहेला. खाए के जौन दू चार...
Read MorePosted by Editor | Oct 15, 2012 | कविता, पुस्तक चर्चा, सरोकार |
काल्हु अतवार १४ अक्टूबर का दिने बलिया के श्रीरामविहार कालोनी स्थित “पाती” पत्रिका आ विश्व भोजपुरी सम्मेलन के बलिया कार्यालय पर एगो विचार आ कवि गोष्ठी भइल. एह गोष्ठी में पाती पत्रिका के सितम्बर अंक के विमोचन का साथे...
Read MorePosted by Editor | Sep 29, 2012 | पुस्तक चर्चा, सरोकार, साहित्य |
भोजपुरी स्वाभिमान के प्रतीक मासिक पत्रिका “भोजपुरी पंचायत” के अक्टूबर अंक के अगर राज ठाकरे पर केन्द्रित कहल जाव त बेजाँय ना कहाई. महाराष्ट्र केहु के बपौती ना ह, माफ करब असल मथैला ह “किसी की बपौती नहीं...
Read Moreएह कविता के पढ़े खातिर अँजोरिया पर जाईं.
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