Category: साहित्य

बाहुबली

– शशि प्रेमदेव हे बाहुबली! बँहिआ में त हमहन के भी ओतने दम बा! बाकिर तहरा पाले लाठी, भाला, बनूखि, गोली, बम बा!! तहरे चरचा बा घरे घरे बाजे सगरो डंका तहरे काहें ना जोम देखइबऽ तूँ तहरा पेसाब से दिआ जरे चउकी से ले के चउका तक,...

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मैथिली भोजपुरी अकादमी दिल्ली के चार दिनी संगोष्ठी

‍- सान्त्वना दिल्ली सरकार के मैथिली भोजपुरी अकादमी ३ नवंबर से ६ नवंबर ले रवीन्द्र भवन, मंढी हाउस, के कौस्तुभ सभागार में चार दिन के संगोष्ठी आयोजित कइलस. एह स्तरीय आ सार्थक आयोजन में शामिल भोजपुरि मैथिली साहित्य प्रेमियन आ...

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मुख्यमंत्री शीला दीक्षित कइली "भोजपुरी पंचायत पत्रिका" के लोकार्पण

पिछला दिने एगो खास कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री शीला दीक्षित “भोजपुरी पंचायत पत्रिका” के लोकार्पण कइली. एह मौका पर भोजपुरी समाज के अध्यक्ष अजित दुबे, विधायक मुकेश शर्मा आ भोजपुरी पंचायत के संपादक कुलदीप कुमार...

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हे आदित् देव

– ओ.पी. अमृतांशु चिरई-चुरंगिया के होई गइलें शोर ! भइल भोर, हे आदित्  देव लागिला गोड़ !   हाथ जोड़ ,  हे आदित्  देव लागिला गोड़ ! देर भइल पनिया में  खाड़ बाड़ी जनिया, थर-थर कांपे अउरी ठिठुरे बदनिया, छल-छल छलकेला नेहिया के लोर !...

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खइले रहीं कसम

– अभयकृष्ण त्रिपाठी खइले रहीं कसम अब कलम ना उठाएब, सबसे पहिले मन के अन्धकार मिटाएब. दिन बीतल युग बीतल बीत गइल हर काल, मोहमाया के चक्रव्यूह के नाही टूटल जाल. खाली हाथ जाए के बा पर गठरी ठूस रहल बानी, झूठा शान खातिर अपनन के...

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