Category: कविता

अछूत के कहानी

-(स्व॰) हीरा डोम हमनी के राति दिन दुखवा भोगत बानी हमनी के सहेबे से मिनती सुनाइबि हमनी के दुख भगवनवो न देखता जे हमनी के कब से कलेसवा उठाइबि पदरी सहेब के कचहरी मे जाइबि जा बेधरम होके रंगरेज बनि जाइबि हाय राम! धरम न छोड़त बनता बा जे...

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भोजपुरी-मैथिली के भाव में विभोर भइल दिल्ली…

– ओेमप्रकाश अमृतांशु कविता अइसन विद्या ह जेकर उमिर दस-बीस साल ना सैकड़ो-हजारो साल होखेेेेला. जेकरा के अनपढ़ो सुन सकेला, गुनगुना सकेला. कवि के कविता के भाव में दरद, आक्रोश, प्रेम आ ढ़ेरन अभिव्यक्ति के समावेश होखेेला. कविता में...

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अजगर

– संतोष कुमार गाँव के गाँव लील रहल बा नीमिया के छाँव पानी के पाँव कुल्ही लील गइल अजगर. भले ओकर नाम शहर बा बाकिर ओकरा मे बड़ा जहर बा जहर बा छल कपट के, दुराव के, तनाव के विष बा धोखा के, चपलूसी के, बिखराव के उजड़ गइल गाँव गोरी...

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डेढ़ अछरी पाठशाला

– डॉ० हरीन्द्र ‘हिमकर’ पेट आ पाटी का बीच खाई ना भर सकला से रूसल रहि गइली सुरसती हमरा बंश से आ हमरा अंश से जामल कवनो बिरवा पनिगर ना हो सकल हम ना बो सकलीं सेंउठियाइल ‘सुखिया’ का कोख में मेधा के ब्लाॅक...

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दू गो गीत

– डॉ० हरीन्द्र ‘हिमकर’ पहिल गीत कवन गाईं एह गीतन का गाँव में पाहुन-सन मन रहल लजाइल. धनखेती में फूटल सोना रुपनी बइठल बीनत मोना जाँता से जिनिगी लपटाइल छंद झर रहल घर का कोना पाकड़ का पतइन से चिरइन के शब्द झरल...

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