Category: कविता

निराला पुरस्कार से सम्मानित कवि भगवती प्रसाद द्विवेदी के सम्मान

बलिया का श्रीराम विहार काॅलोनी में स्थित ‘पाती’ कार्यालय में विश्व भोजपुरी सम्मेलन के बलिया ईकाई का तरफ से आयोजित एगो कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान से निराला पुरस्कार से सम्मानित आ भोजपुरी अउर हिन्दी के...

Read More

दू गो डाक्टरी कविता

– डॉ. कमल किशोर सिंह हम  रटीला रोजे  ‘हिपोक्रेटिस’ हृदय में, धरि ‘धनवंतरी’ ध्यान, हम रटी ला रोजे रोगान शेषान, रोगान शेषान. छछनावे, तडपावे, फेर दुहि लेला प्राण, बचल ना केहू – चाहे बच्चा, बुढ़,...

Read More

आवऽ दियावा जरावऽ भोजपुरी के भईया

– ओेमप्रकाश अमृतांशु शंख नाद गरजन सुनावऽ, मिलके जोर लगावऽ आवऽ दियावा जरावऽ, भोजपुरी के भईया . ओका-बोका तिन तड़ोका, घुघुआ के हई माना तार काटो-तरकुल काटो, ढ़ेरन खेल-खजाना, चुट्टा-चुट्टी, बुढ़िया कब्ड्डी, से नेहिया लगावऽ आवऽ...

Read More

गजल

-आसिफ रोहतासवी अब ना बाँची जान बुझाता बाबूजी लोग भइल हैवान बुझाता बाबूजी पढ़ल लिखल हमनी के सब गुरमाटी बा उनका वेद कुरान बुझाता बाबूजी आपुस में टंसन बा फिर हमरा गाँवे खेत जरी, खरिहान बुझाता बाबूजी बबुआ तऽ अबहींए आँख तरेरऽता एक दिन...

Read More

गंगा प्रसाद अरुण के दू गो गजल

(1) छलकत तलफत नजर, त बरबस गजल भइल. लहसल लहकत दहर, त बरबस गजल भइल. अद बद पनघट पर जब परबत पसर गइल, सइ-सइ लहरल लहर, त बरबस गजल भइल. चटकल दरपन चमकल दहक-सहक बन-बन, समय गइल जब ठहर, त बरबस गजल भइल. अलकन पर, मद भरल नयन, मनहर तन पर,...

Read More

Recent Posts