भोजपुरीः एगो परिचय
– डा. राजेन्द्र भारती ‘भाषा भोजपुरी परिभाषा से पूरी ह बोले से पहिले एके जानल जरुरी ह न गवना पूरी ना सुहागन के चूड़ी ह साँचि मान त दुश्मन के गरदन पर चले वाली छूरी ह कहत धुरान बुरा मति माने केहू सभ भाषा के उपर हमार भाषा...
Read More– डा. राजेन्द्र भारती ‘भाषा भोजपुरी परिभाषा से पूरी ह बोले से पहिले एके जानल जरुरी ह न गवना पूरी ना सुहागन के चूड़ी ह साँचि मान त दुश्मन के गरदन पर चले वाली छूरी ह कहत धुरान बुरा मति माने केहू सभ भाषा के उपर हमार भाषा...
Read More– डा॰अशोक द्विवेदी कोइलरि कूहे अधिरतिया आ बैरी चइत कुहुँकावे. रहि रहि पाछिल बतिया इ बैरी चइत उसुकावे. कुरुई-भरल-रस-महुवा, निझाइल कसक-कचोटत मन मेहराइल उपरा से कतना सँसतिया, आ बैरी चइत कुहुँकावे. फगुवा गइल दिन कटिया के आइल...
Read More– जयंती पांडेय रामचेला बाबा लस्टमानंद से सवचले, हो बाबा आज कल पुलिस सुधार पर बड़ा चर्चा बा. कभी सुनले रहनी कि सिपाही के मुरइठा देखि के बड़े बड़े लोगन के पैंट खराब हो जात रहे. आजुओ काल पुलिस के बारे में लोग के अच्छा विचार...
Read More(दयानंद पाण्डेय के लिखल आ प्रकाशित हिन्दी उपन्यास के भोजपुरी अनुवाद) सोरहवाँ कड़ी में रउरा पढ़ले रहीं कि कइसे आपन दलाली वसूले का फेर में गणेश तिवारी अपने पट्टीदार फौजी तिवारी का खिलाफ पोलदना के हथियार बनवलन. बाकिर जब बाद में...
Read More– जयंती पांडेय राहुल गांधी अपना चुनाव प्रचार में कई हाली कहले कि गांव के विकास के खातिर जवन रुपिया आवे ला तवना में से दसे पइसा मिले ला बाकी गायब हो जाला. काफी सोचला पर ई पता ना चलल कि के खा जाला. मन में 90 पइसा हजम करे...
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